पेट्रोल-डीजल फ्री यूपी की ओर बढ़ा कदम, सीएम योगी ने 45 इलेक्ट्रिक और 3 हाइड्रोजन बसों को दिखाई हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में संचालित होंगी और आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी।
लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के शहरों और गांवों को पेट्रोल-डीजल आधारित परिवहन से मुक्त कर इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने जा रहा है। यात्रियों की सुविधा और बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि 15 जून तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में कुल 110 इलेक्ट्रिक बसें संचालित होने लगेंगी, जबकि भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जाएगी।
सीएम योगी ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सड़क और एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और जल्द शुरू होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। वहीं, राज्य में अब पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं, जिनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल होने जा रहा है।
कार्यक्रम में तीन हाइड्रोजन बसों के संचालन की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये बसें यीडा क्षेत्र में चलेंगी और इनके लिए ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन सीवर वाटर के उपयोग से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल वायु प्रदूषण कम करने और नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित परिवहन व्यवस्था प्रदेश को हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी।